न बात बढ़ी न प्यार बढ़ा
फिर क्यों तुझसे तकरार बढ़ा
न इश्क हुआ न प्यार हुआ
फिर क्यों तूने मेरे दिल को छुआ
न जीत हुई न हार हुई
फिर भी उनसे तकरार हुई ।।
जब ओठ खुले तो आह निकली
तेरे लिए बस चाह निकली
जब तुम नजरो से दूर हुई
मेरा दिल फिर तड़प गया
न इश्क हुआ न प्यार हुआ
फिर क्यों तूने मेरे दिल को छुआ ||
जब तू पास मेरे रहती हैं
ठंढी हवाए बहती हैं
जुल्फ तेरी उड़ जाये तो
मेरे दिल की धड़कन क्यों तेज हुआ ||
न बात बढ़ी न प्यार बढ़ा
फिर क्इयों तुझसे तकरार बढ़ा
इश्क हुआ न प्यार हुआ
फिर क्यों तूने मेरे दिल को छुआ
न जीत हुई न हार हुई
फिर भी उनसे तकरार हुई ।।
जब ओठ खुले तो आह निकली
तेरे लिए बस चाह निकली
जब तुम नजरो से दूर हुई
मेरा दिल फिर तड़प गया
न इश्क हुआ न प्यार हुआ
फिर क्यों तूने मेरे दिल को छुआ ||
जब तू पास मेरे रहती हैं
ठंढी हवाए बहती हैं
जुल्फ तेरी उड़ जाये तो
मेरे दिल की धड़कन क्यों तेज हुआ ||
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