कभी-कभी।kabhi-kabhi
कभी-कभी कहीं कहीं कभी कभी कहीं कहीं तेरी याद आ रही हैं ।। जब तू थी मेरे पास न लगती थी कोई खास तेरे …
कभी-कभी कहीं कहीं कभी कभी कहीं कहीं तेरी याद आ रही हैं ।। जब तू थी मेरे पास न लगती थी कोई खास तेरे …
हुस्न के कारीगर तेरा कोई जवाब नही क्या सोचकर उनका हुस्न बनाया है।। मै ही नही हर शख्स उनके हुस्न का …
रक्षाबंधन में मेरे भाई तुम आना अपनी बहन का मान बढ़ाना ।। मैं राखी बाँधू तुम्हारी कलाई हो अपनी बहन क…
हम तेरे आने का इंतजार कर रहे हैं तू न आई फिर भी प्यार कर रहे है।। हमने सिर्फ तुझसे दिल की बात कही थ…
उन्हें देखने के खातिर, उनका पीछा कर रहे हैं।। उन्हें नही हैं मालूम,एक झलक के खातिर हम जी और मर रहे …
जब से तूने मुझे बुलाया है मेरे चेहरे पर निखार आया है मैं तितलीयों सी उड़ने लगी मैं फूलों से खिलने लग…